A Lesson of life

एक छोटे से शहर में हरिहरन  नाम का व्यक्ति रहता था, वह  बैलगाड़ी आदि की मरम्मत करने का काम करता था I उसका काम-धाम ठीक नहीं चल  रहा था, दो समय की रोटी का जुगाड़ करना भारी हो गया था I अतः उसने किसी अन्य शहर में जाकर भाग्य आजमाने की सोची I वह अपने परिवार के साथ दुसरे शहर की ओर चल दिया I

                           अपनी यात्रा के बीच हरिहरन व उसका परिवार जब जंगल से होकर गुजर रहे थे, तो उन्होंने एक ऊंटनी को प्रसव वेदना से छटपटाते देखा I उसे पीड़ा में देख हरिहरन की पत्नी ने यात्रा को कुछ देर रोकने को कहा, ताकि इस संकट की घड़ी में ऊंटनी की सहायता हो सके I वे वही रुक गए और हरिहरन की पत्नी ऊंटनी की देख-भाल में जुट गई I शीघ्र ही ऊंटनी ने बच्चे को जन्म दिया I

                      हरिहरन के परिवार ने दोनों की भली – भांति देख-रेख की और बच्चे सहित ऊंटनी को लेकर घर लौट आए I धीरे – धीरे वह बच्चा जवान होकर पूरा ऊंट बन गया I

प्रेमवश हरिहरन ने उस युवा ऊंट के गले में एक घंटी बांध दी थी I अब जब भी वह ऊंट चलता तो गले में बंधी घंटी टनटना उठती I

ऊंटनी का दूध बेचकर हरिहरन ने काफी धन भी एकत्र कर लिया था I शीघ्र ही उसने एक और ऊंटनी खरीद ली I

भाग्य जल्दी ही हरिहरन पर मेहरबान हुआ और वह बहुत से ऊँटों का मालिक बन गया I उसके सभी ऊंट एक साथ पास के जंगल में चरने के लिए जाते थे I

        लेकिन, गले में घंटी बंधे ऊंट की आदत थी कि वह झुण्ड से प्रायः अलग हो जाता था I उसे लेकर अन्य सभी ऊंट चिंतित रहते थे I वे उसे यहां-वहां जाने पर टोकते भी थे, लेकिन वह किसी की बात पर कान नहीं देता था I

                  एक दिन सभी ऊंट जंगल में चर रहे थे I तभी एक शेर घंटियों की आवाज़ सुनकर चौंक पड़ा I उसने आवाज़ का पीछा किया तो पाया कि ऊँटों का पूरा झुण्ड घास चर रहा था I

                           उसने देखा कि गले में घंटी बांधे एक ऊंट उन सबसे अलग रहकर घास चरने में मशगुल था I दुसरे अन्य ऊंट पेट भरने के बाद घर लौट चले थे, लेकिन वह ऊंट यूं ही यहां-वहां घूम रहा था I

                   शेर यह देख झाड़ियों के पीछे छिप गया I जैसे ही चरने के लिए वह ऊंट वहां आया, शेर ने झापट्टा मारकर उसका काम तमाम कर दिया I

सीख –

  • बके साथ मिल-जुल कर रहना चाहिए, जो व्यक्ति सबको साथ लेकर नहीं चलता वह अक्सर उस ऊंट की तरह  किसी न किसी का शिकार बन जाता है
  • अच्छी सीख पर अमल न करने का परिणाम बुरा ही होता है I

चमत्कार होते है (Miracle Happens)