रामु बंदर

साथियों नमस्कार

आईये शुरु करते है एक और प्रेरणादायक कहानी जो एक रामु नाम के बंदर की है तो कहानी कुछ इस प्रकार है:

एक आदमी था I उसके पास एक रामु नाम का बंदर था I वह बंदर लोगो को करतब दिखाता इस प्रकार वह आदमी अपनी आजीविका चलाता था I लोग बन्दर के करतब देखकर खूब हंसते और उसके लिए आदमी को पैसे देते थे I जो पैसे बंदर को मिलते थे , उन्हें वह इकट्ठा करके अपने मालिक को दे देता था I एक दिन बंदर का मालिक उसे चिड़ियाघर लेकर गया I बंदर ने वहां पिंजरे में एक बंदर देखा I लोग उसे देख – देखकर खुश हो रहे थे और उसे खाने को फल – बिस्कुट आदि दे रहे थे और पिंजरे में बंद बंदर उन्हें बड़े मजे से कहा रहा था I बन्दर ने सोचा कि पिंजरे में रहकर भी यह बंदर कितना भाग्यवान है I बिना किसी परिश्रम के इसे खाना – पीना मिल जाता है I बंदर मालिक के साथ घर आ गया  मगर उसके दिमाग से चिड़ियाघर वाले  ऐशो – आराम की बात निकल नहीं रही थी I  उसने फैसला किया कि वह भी चिड़ियाघर में जाकर रहेगा I वह रात में मालिक से छिपकर चिड़ियाघर में रहने चला गया I उसे वहां मुफ्त का खाना और आराम बहुत अच्छा लगने लगा, मगर कुछ ही दिनों में उसका मन भर गया I उसे अपनी स्वंत्रता की याद आने लगी I अब वह चिड़ियाघर से भागकर वापस अपने मालिक के पास पहुँच गया I उसे पता चल गया था की रोटी कमाना कठिन होता है, लेकिन पिंजरे में कैद रहना उससे भी कठिन होता है I दोस्तों इसी प्रकार अपने पौरुष में ही मनुष्य की महानता है, मुफ्त की चीजें लोगो को आलसी और निकम्मा बनाकर उनकी आजादी और स्वतंत्र सोच को छीन लेती है I