अनोखा नौकर     

                   An article for common man  

साथियो आज मैं आपके लिए एक कहानी लेकर आया हूँ जो आपको जीवन में एक नयी सिख देगी, इस कहानी का अर्थ बहुत गहरा है जिस पर  हम इस कहानी के बाद discuss करेंगे तो आईये शुरू करते है कहानी

अफ्रीका द्वीप के उत्तरी छोर पर  जहाँ अक्सर तूफान आया करता था ,  अक्सर आने वाले तूफानों की वजह से उस क्षेत्र में कोई काम करने करने के लिए तैयार नहीं होता था ! उसी क्षेत्र के एक गॉव में एक किसान रहता था I

उस किसान को एक काम करने वाले की बहुत जरुरत थी परन्तु खतरनाक जगह होने की वजह से कोई काम करने को तैयार नहीं होता था , वह किसान कई दिनों से काम करने वाले की तलाश कर रहा था कई लोग काम के लिए आये मगर उस जगह के बारे में सुनकर हर कोई

वह काम करने से मना कर देता था अंत में कई दिनों के बाद एक सामन्य सा दिखने वाला व्यक्ति  किसान के पास काम के लिए आया , किसान ने उससे पूछा क्या तुम इन विपरीत परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार हो तो उसने जवाब दिया की हाँ ,परन्तु मेरी एक शर्त है की जब हवा और तूफान आता है तब में काम नहीं करता हूँ और उस समय मैं सोता हूँ , यह उत्तर सुनकर किसान को थोड़ा अचम्भा  हुआ,  परन्तु किसान के पास और कोई विकल्प नहीं था इसलिए किसान ने उसे काम पर रख लिया I

अगले दिन से वह आदमी किसान के यहाँ काम करने लगा, वह सुबह से शाम तक बड़ी मेहनत और ईमानदारी से खेतों पर काम करने लगा , किसान भी उसके काम से बेहद खुश था

इसी तरह किसान का काम चलता रहा , तभी एक रात अचानक  तेज  हवा चलने लगी, किसान समझ गया की तूफान आने वाला है, वह लालटेन लेकर उठा और नौकर की झोपडी की तरफ तेजी के साथ गया वह पहुंचकर  उसने नौकर को आवाज लगाई और कहा , अरे भाई उठो , देखते नहीं तूफान आने वाला है इससे पहले की तूफान आये गाय बेलों को अंदर बांध दो , खेत में पड़ी कटी फसल को बांध कर ढंककर रख दो ताकि फसल को नुकसान न हो , किसान की आवाज सुनकर नौकर बाहर आया और अपनी शर्त याद दिलाते हुए बोला, हुजूर शायद आप मेरी शर्त भूल गए , मेने आप से पहले ही कहा था की  की जब हवा तूफान आता है तब में काम नहीं करता हूँ और उस समय मैं सोता हूँ , यह सुनकर किसान आग बबूला हो गया , उसे लगा की उस नौकर को इसी वक्त काम से निकाल देना चाहिए मगर तूफान आने वाला था उसके पास उस नौकर से बहस करने का समय नहीं था ! वह तुरंत अपने खेतो की तरफ भागा , किसान खेत में पंहुचा और देखा तो उसकी आँखे आश्चर्य से फटी रह गयी , जब उसने देखा की गाय बेल अपनी जगह सुरक्षित बंधे थे , फसल की गांठे बंधी हुई थी और तिरपाल से ढकी थी , बाड़े का दरवाजा भी मजबूती से बंधा था , और बाकि अन्य चीज़े भी अपनी जगह व्यवस्थित थी, आने वाले तूफान से नुकसान की सम्भावना न के बराबर थी अब किसान को नौकर की यह बात “की जब हवा और तूफान आता है तब में काम नहीं करता हूँ और उस समय मैं सोता हूँ ” समझ में आ चुकी थी और वह भी घर जा कर निश्चिंत होकर सो गया

 

साथियो  यह कहानी हमें सिख देती है की हमें भी जहाँ तक हो सके जीवन में आने वाली विपरीत परिस्थितियों के लिए पहले से ही तैयारी करके रखना चाहिए , बीमारी के लिए या किसी अन्य  इमरजेंसी के लिए हमें हमेशा तैयारी करके रखना चाहिए ताकि जरुरत पड़ने पर हमें दिक्कत न हो मसलन:

  1. Mediclaim policy   लेकर रखे (बीमार होने पर काम आएगा)

2. टर्म प्लान ले (For any type of miss happening it will support to our family)

3. बचत की आदत डालें

4. अपनी skills (कार्यकुशलता)  को बढ़ाते रहें I

यानि हमें तूफान आने से पहले ही तूफान से निपटने की तैयारी करके रखना चाहिए न की तूफान आने के बाद , इससे हम आने वाले तूफान (problem) को तो नहीं टाल सकते मगर उससे होने वाले नुकसान को जरूर कम कर सकते है I

 

An article by Pawan Mandloi

Note: Story of this article was I read some year before in news paper