हर आदमी बड़ा पेड़ बनना चाहता है

 

मिटा दे अपनी हस्ती को गर मर्तबा चाहे,

कि दाना खाक में मिलकर ही गले गुलजार होता है

 

दोस्तों हर आदमी बड़ा पेड़ बनना चाहता है मगर वह भूल जाता है कि हर पेड़ को पहले बीज़ बनना पड़ता है , धरती के निचे दबना पड़ता है मिट्टी में मिला देना पड़ता है अपनी हस्ती को तब कहीं जाकर बीज़  अंकुरित होता है ,पौधा बनता है और फिर  एक बड़ा पेड़ बनता है

यदि आप भी उस पेड़ कि तरह बड़ा बनना चाहते है  तो  पहले आपको भी बीज़ बनना होगा , धरती कि अगन को और सूरज कि तपन को सहना होगा I

पहले जड़े जमाना होगी जमीं के अंदर जड़े जितनी गहराई तक जाएगी पेड़ उतनी ही मजबूती से खड़ा रहेगा

पेड़ जितना बाहर दिखता है उससे कहीं ज्यादा वो जमीं के अंदर गढ़ा होता है I

तो दोस्तों जब कभी  जीवन में आपको लगने लगे कि आप निचे गिरते जा रहे है , जब कभी आपको लगने लगे कि आपका बुरा वक्त शुरू हो चुका है , जब आपको लगने लगे कि सब कुछ ख़तम हो गया है तब समझ जाना कि आपका बीज़  बनने  का समय शुरू हो गया है

जरुरत है बस उस कठिन समय में धीरज रखने की जरुरत है ये यकीं रखने कि हम बीज़ बनकर फिर अंकुरित होंगे , आपको इंतजार करना होगा , आपकी जड़े मजबूत होने तक तब कहीं जाकर आप एक पौधा बनेंगे और फिर एक मजबूत पेड़ बनोंगे I

यही प्रकृति का नियम है,

पेड़ वही बनेगा जो बीज़ बनने को तैयार होगा मगर कुछ लोग पेड़ तो बनना चाहते मगर बीज़ नहीं बनना चाहते , वो जाना तो बहुत दूर तक चाहते है मगर चलना एक कदम भी नहीं चाहते

साथियों जब एक पेट्रोल पम्प पर काम करने वाला धीरूभाई अंबानी बन सकता है , जब एक चाय वाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है तो आप भी जीवन में  कुछ भी कर सकते है I

साथियों  ये बातें मैं  आपको सिर्फ उत्साहित करने के लिए नहीं कर रहा बल्कि मैं आपको यह यकीं दिलाना चाहता हूँ कि आप जीवन की किसी भी अवस्था में हो, चाहे आप गरीब हो , आपके पास नौकरी हो या न हो बस आप धीरज रखते हुए अपने लक्ष्य को पाने के लिए कोशिश कीजिये आपको एक दिन सफलता जरूर मिलेगी I

                                                          By Pawan Mandloi