एक किसान की कहानी

आज हम बात करेंगे दिशा की जी हाँ आपकी सफलता की दिशा की लेकिन हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है की हम किस दिशा में चल रहे है,हम मंजिल की और चल रहे है या मंजिल की विपरीत दिशा में चल रहे है !

इस बात को समझाने के लिए एक किसान की कहानी सुनाता हूँ ! एक गांव में एक किसान रहता था ! खेत में पानी देने के लिए उस किसान के पास कुआ नहीं था तो उसने खेतों को पानी देने के लिए कुआ खोदने का निश्च्य किया और वह कुआ खोदने लगा, कुछ दिनों बाद जब वह कुआ खोद रहा था , तभी वहाँ से गांव का एक आदमी गुज़रा और किसान से पूछा भाई क्या कर रहे हो ? किसान बोला भाई कुआ खोद रहा हूँ तो  वह आदमी बोला अरे! भाई तुम कुआ गलत जगह खोद रहे हो देखो वो जो हरी घास दिखाई रही है, अगर तुम वहाँ कुआ खोदोगे तो वहाँ पानी जरूर निकलेगा ! किसान परेशान तो था ही उसने वहाँ खुदाई छोड़कर हरी घास वाली जगह पर खुदाई शुरू कर दी !

थोड़े दिनों बाद वहा से गांव सरपंच गुज़रा तो किसान से पूछा की अरे भाई यह क्या कर रहे हो, तो किसान बोला सरपंचजी  कुआ खोद रहा हूँ फिर सरपंचजी ने कहा की अरे भाई तू किसके चक्कर में पड़ गया देख खेत के उस किनारे पे  नाला है , अगर तुम खेत के उस तरफ कुआ खोदोगे तो तुम्हे  पानी जरूर मिलेगा , किसान ने सरपंच की बात सुनकर खेत की दूसरी तरफ खुदाई का काम शुरू कर दिया , कुछ दिनों बाद वहाँ से एक साधु गुज़र रहे थे , साधु ने किसान की निराशा को देखते हुए, जो उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी ! साधु ने किसान से पूछा की भाई तुम इतने दुखी और निराश क्यों हो, तो किसान साधु से बोला महाराज देखिये , मेरी किस्मत कितनी ख़राब है मेंने  कितनी मेहनत की इतनी जगह कुआ खोदा परन्तु शायद मेरी किस्मत में पानी नहीं है , नहीं तो  इतनी मेहनत के बाद तो पानी मिल ही जाना था ! इस पर साधु मुस्कराये और किसान से बोले की ऐसा नहीं है की पानी तेरी किस्मत में नहीं है और  ऐसा भी हैं  नहीं हैं की तुमने मेहनत नहीं की  परन्तु , तुम्हारी मेहनत करने की दिशा गलत थी ! तुम अलग – अलग जगह मेहनत न करके अगर एक जगह पर ही मेहनत करते तो तुम जरूर सफल होते!

इसी प्रकार हम लोग मेहनत तो बहुत करते है मगर मेहनत कहाँ करनी है , किस दिशा में करनी है , ये हम समझ नहीं पाते  और फिर निराश होकर उस किसान की  तरह मान लेते है की सफलता हमारे नसीब में नहीं है!

तो दोस्तों एक लक्ष्य तय कीजिये और मेहनत उसी दिशा में कीजिये सफलता निश्चित रूप से हमारे कदम  चूमेंगी !