WAY TO WIN

आज हम बात करेंगे एक ऐसे आदमी की जिसके व्यक्तित्व के बारे में चर्चा किये बिना शायद ही कोई मोटिवेशनल बुक लिखी गयी हो इस आदमी ने अपना जीवन इस तरह जिया की उसका जीवन पूरी दुनिया के लिए मिशाल बन गया !

दोस्तों यह नाम वैसे तो किसी परिचय का मोहताज नहीं है i परन्तु फिर भी में आपको बताना चाहूंगा की यह आदमी पहले व्यपार में असफल हुआ , फिर चुनाव लड़ा और हार  गया ,फिर बिज़नेस शुरू किया परन्तु असफल रहा , पत्नी की मृत्यु  के बाद अपना मानसिक संतुलन खो बैठा ! फिर नए जीवन की शुरुआत की चुनाव लड़ा मगर हार गया, उसके बाद और दो चुनावों  में हार  का सामना किया और अंत में 52 साल की उम्र में फिर चुनाव लड़ा और अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया, जी हाँ में बात कर रहा हूँ अब्राहिम  लिंकन की जिनका नाम मैने पहली बार क्लास 8th में सुना था और उनके बारे में पढ़ा था ! तभी से में उनके जीवन से प्रभावित होता आया हूँ ! सही कहुँ तो लिंकन मेरे प्रेरणा स्त्रोत रहे है ! लिंकन का जन्म 12 फरवरी, 1809 केंटुकी (अमेरिका) में हुआ था उनके पिता का नाम थॉमस लिंकन और माता का नाम नेन्सी था ! उनका पूरा बचपन गरीबी में बिता था ! लिंकन बचपन से ही प्रतिभावान थे बचपन में वे कई बार खेतो के टीलों पर चढ़कर अकेले ही भाषण दिया करते थे ! लिंकन का जीवन काफी उतार -चढ़ाव भरा रहा !

मै आपको यहाँ ये नहीं बता रहा हूँ की लिंकन ने किन – किन मुसीबतो का सामान किया, बल्कि में यह बताना चाहता हूँ की लिंकन के जीवन से हमें यह सीखने को मिलता हे की जीवन में गिरना या हारना भले ही हमारी गलती न हो, परन्तु जीवन में गिरकर फिर से उठने की कोशिश न करना निश्चित रूप से हमारी गलती होती है !

क्या आप जानते है ? लिंकन एक बार अपने जीवन से निराश हो कर आत्महत्या तक करने की सोचने लगे थे , परन्तु एक छोटी सी घटना ने उनकी सोच और उनका जीवन बदल दिया, एक बार जब लिंकन  एक पेड़ के निचे बैठे थे तो उन्होंने एक चींटी को पेड़ पर चढ़ते हुए देखा मगर जैसे ही वो चींटी थोड़ा ऊपर चढ़ती और वो निचे गिर जाती, मगर वो चींटी फिर चढ़ना शुरू करती फिर गिर जाती यह सब निराश लिंकन देख रहे थे , तभी उन्होंने सोचा की जब एक छोटी सी चींटी इतनी बार गिरने के बाद भी हार नहीं मान  रही है और बार – बार गिरने के बाद भी उठकर चढ़ने की कोशिश कर रही है तो फिर मै एक इंसान होकर अपने जीवन से कैसे हार सकता हूँ !  बस उसके बाद लिंकन ने जीवन से कभी न हारने का फैसला लिया और जीवन में वो मुकाम पाया  शायद, कोई आम आदमी जिसकी कल्पना भी नहीं कर सकता !