चलते रहिये I

दोस्तों जो लोग चलना नहीं चाहते, उन्हें जिंदगी घसीटना शुरू कर देती है
इससे पहले की जिंदगी आप को घसीटना शुरू करे, आप चलना शुरू कर दिजिए !
दोस्तों आपने ये गाना तो सुना ही होगा:
“रुक जाना नहीं तू कहीं हार के, काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के”
ये गाना आज भी उतना ही सार्थक है जितना कल था, क्योंकि यदि आप रुक गए तो मंजिल कैसे पाओगे ! मंजिल नहीं चलती राही को ही चलना पड़ता है!
Golden word by king martin Luther:
“If you can’t fly,
Run,
If you can’t run,
Walk,
If you can’t walk,
Crawl,
But whatever you do, keep moving towards your goal”
दोस्तों मुझे सफलता कैसे मिली मुझे नहीं पता परन्तु

एक काम था जो मै हमेशा करता गया वह था चलना ! मै कभी रुका नहीं चलता रहा, चलते – चलते छोटी – छोटी मंजिलो को पार करता गया! कई बार अपने ही सवालो मै उलझ जाता, कई बार आलस्य के कारण अपने लक्ष्य के प्रति निष्क्रिय हो जाता, परन्तु फिर सोचता और आगे बढ़ने का प्रयास करता !
अगर आपकी सोच बड़ी है, आपका लक्ष्य बड़ा है तो बाकि सब उलझने आपको नगण्य लगने लगती है
अगर आप इंडिया से अमेरिका जाना चाहते है और अगर आप प्लेन में सवार हो गए है तो फिर आपको बिच में आने वाले मुकाम और गहरे समंदरों की चिंता नहीं करना चाहिए,क्योंकि दूर तक जाने के लिए आपको कई छोटी – छोटी मंजिलो को पार करना पड़ेगा !
यदि आप लेखक बनना चाहते हो तो आपको लिखना पड़ेगा चाहे वो अच्छा हो या बुरा, आप ये न सोचे की पहली बार में ही आप इतना अच्छा लिखेंगे की प्रसिद्धि के शिखर पर पहुँच जायेंगे !
नदी का उद्गम स्थान समंदर से हजारो मिल दूर होता है, फिर भी अंत में नदी समंदर से मिल ही जाती है क्योंकि वह चलती रहती है वह चिंता नहीं करती की राह में कितने पहाड़ आयेंगे या कितने मोड़ आयेंगे !
छोटी – छोटी मंजिल पाने का जश्न मनाईये, थोड़ा विश्राम कीजिये और फिर चल दीजिये अपनी मंजिल की तरफ मगर रुकिए मत क्योंकि आपके रुक जाने से जिंदगी नहीं रूकती !
Please Keep Moving