क्यों लिखूँ

दोस्तों में सोच रहा था की क्यों लिखूँ मै, क्या मेरा लिखना जरुरी है, क्या होगा अगर मै न लिखू, जिंदगी के इतने साल गुजर गए अभी तक नहीं लिखा तो कुछ नहीं बिगड़ा आगे भी नहीं लिखूंगा तो क्या हो जायेगा !

क्या मेरे लिखने से दुनिया बदल जाएगी ? शायद नहीं !

मगर मेरा लिखना जरुरी है क्योंकि, अगर याद न दिलायी जाये तो लोग भगवान को भूल जाते है, तो लक्ष्य और सकारात्मक सोच (Positive attitude) क्या चीज़ है !

किसी बीज को अंकुरित होने व पौधा बनाने के लिए जिस प्रकार पानी एवं अन्य उर्वरको के साथ समय – समय पर देखभाल की जरुरत होती है उसी प्रकार सकारात्मक सोच को जिन्दा रखने के लिए और आपको आपके सपनों की याद दिलाने के लिए मुझे लगता है, मेरा लिखना जरुरी है !

दोस्तों जिस प्रकार किसी औजार की धार को तेज करने के लिए सिलबट्टे पर बार-बार रगड़ना जरुरी होता है उसी प्रकार आपके अंदर की अच्छाई को निखारने के लिए मेरा लिखना और आपका पढ़ना जरुरी है !

क्या आप जानते है नेपोलियन बोनापार्ट ने मात्र 14 वर्ष की उम्र में कई विद्वानों की किताबो को पढ़ लिया था !

कहीं आपकी हौसलों की उड़ान कम न हो जाये इसलिए मेरा लिखना जरुरी है

जिस प्रकार दीये का काम है जलना वह यह नहीं देखता की उसने कितने घरो में उजाला किया है

उसी प्रकार मुझे बस लिखना है फिर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की मेरी लिखी बातो से कितने लोगो को लाभ हुआ, कितनो के मन में उजाला हुआ !

अगर मेरी लिखी बातो से किसी एक मन मै भी उजाला होता है तो मै समझूँगा मेरा लिखना सार्थक हुआ !

यदि मेरा लक्ष्य लिखना है तो मेरी सफलता इसी में है, की मै लिखता रहूँ, निरंतर लिखता रहूँ

मेरे लिखने से आपकी सोच बदले या न बदले ,मगर मेरा विश्वास हे की मेरे लिखने से आपकी उम्मीद की लौ जरूर जलती रहेगी.

 

छोटी सी चिड़िया

दोस्तों रामायण का एक छोटा सा किस्सा है जो मेने बचपन मै सुना था !

जब सागर पर करने के लिए श्री राम की सेना पूल बनाने मै लगी हुयी थी तभी श्री राम ने एक छोटी सी चिड़िया को कंकड़ अपनी चोंच मै उठाते हुए और उस कंकड़ को पानी में डालते हुए देखा

तो भाव वश श्री राम ने चिड़िया से पूछा की ये तुम क्या कर रही हो, तो उस चिड़िया ने बड़ी मासूमियत से कहा की में भी पूल बनाने में सहयोग कर रही हूँ, तब प्रभु श्री राम ने मुस्कराते हुए पूछा की इन छोटे छोटे कंकड़ों से पूल कैसे बनेगा, तब चिड़िया ने प्यारा सा उत्तर दिया की प्रभु कुछ भी हो लेकिन  यदि कभी मेरा नाम इतिहास में आएगा  तो मेरा नाम पूल बनाने वालो में गिना जाएगा और यही मेरा इनाम होगा

उसी प्रकार दोस्तों जिंदगी में अच्छे काम करते रहो काम छोटा या बड़ा नहीं होता !